करवा चौथ के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य जो आप नहीं जानते होंगे

करवा चौथ के बारे में कुछ दिलचस्प बातें जो आप नहीं जानते होंगे।

Author: alice | Updated: October 18, 2016 7:37 IST
 

Find the Best Vendors Near You

 

करवा चौथ एक हिंदू त्योहार है जो कि उत्तर भारत में बहुत धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है। ये त्योहार विवाहित दंपत्तियों के बीच प्यार को मज़बूत करता है और प्रत्येक विवाहित महिला की ज़िंदगी में यह बेहद शुभ दिन है। यह त्योहार सूर्य उदय होने से पहले सरगी से शुरू होता है जो कि हर सास अपनी बहू को देती है। सरगी में खाने की वस्तुएं शामिल होती हैं जिसे कि सूर्य के उदय होने से पहले खाया जाता है। सूर्य की किरणों के साथ ही करवा चौथ का व्रत शुरु होता है जिसमें कि एक महिला न ही कुछ खाती है और न ही पीती है जब तक कि चांद नहीं निकलता। यह व्रत हर महिला अपने पति की अच्छी सेहत और लंबी आयु सुनिश्चित करने के लिए रखती है। 


करवा चौथ हाथों पर मेहंदी लगाने और पारंपरिक वस्त्रों को पहने हुए चांद का इंतज़ार करने जैसे पारंपरिक प्रतिकात्मकताओं को साथ लेकर आता है। एक बार जब चांद निकल आता है, व्रत समाप्त हो जाता है।

लेकिन यहां करवा चौथ के बारे में कुछ अज्ञात तथ्य हैं जो कि इस दिन को और खास बना देते हैं। जानने के लिए पढ़ें:


1. करवा एक पानी से भरे छोटे मिट्टी के बर्तन का अनुवाद है और चौथ का हिंदी अर्थ 'चौथा' होता है जो कि यह दर्शाता है कि ये त्योहार कार्तिक महीने के चौथे दिन पड़ता है। यह दिवाली से नौ दिन पहले मनाया जाता है। 

2. यह व्रत सिर्फ पति की रक्षा करने के लिए ही नहीं जाना जाता है लेकिन वैज्ञानिक तौर पर भी साबित हो चुका है कि यह व्रत महिला के शरीर को भी मदद करता है। यह आत्म-नियंत्रण और ध्यान को स्थापित करता है और पाचन तंत्र को पवित्र करता है। 

3. करवा चौथ एक रानी वीरावती की कहानी के साथ जुड़ा हुआ है। वीरावती अपने पहले करवा चौथ के लिए अपने माता-पिता के घर आती है और इस दिन उसने व्रत का सख्ती से पालन किया। सात बहनों की इकलौती बहन होने के कारण, उसकी प्यास और भूख असहनीय हो गई और उसके भाई अपनी बहन को इस हालत में नहीं देख सके। उसे बीमार होने से बचाने के लिए, उन्होंने चांद का एक नकली प्रतिबिंब बनाया और उसे देखकर वीरावती ने अपना व्रत तोड़ लिया। जैसे ही उसने ऐसा किया, उसके राजा की मृत्यु की खबर आ गई। उसने फिर से वैसा ही व्रत किया और देवी से कहा कि उसके भाईयों ने उसके साथ धोखा किया था। उसका प्रेम और भक्ति देखकर, उसके राजा को फिर से उसकी ज़िंदगी वापिस मिल गई। 

4. एक और कहानी जिसने करवा चौथ की परंपरा को जन्म दिया वह एक करवा नाम की औरत की है जो कि अपने पति से बिना किसी शर्त के प्यार करती थी और उसके स्वास्थय और खुशी के लिए जो भी संभव हो सके करती थी। इस अत्यधिक प्रेम ने उसे कुछ अध्यात्मिक शक्तियां दे दी और उसने उनका इस्तेमाल अपने पति को मगरमच्छ से बचाने के लिए किया, जब वह नदी में नहा रहा था। उसने यम को शाप की धमकी दी और भगवान को मगरमच्छ को नरक में भेजने के लिए कहा। यह दिन उसकी भक्ति को समर्पित है।

5. अविवाहित महिलाएं जो कि करवा चौथ का व्रत रखती हैं उन्हें चांद के चमकने का इंतज़ार करने की ज़रुरत नहीं है। जब सूर्य अस्त हो जाए और आकाश में तारे दिखाई देने लगें, वह कुछ खाकर अपना व्रत तोड़ सकती हैं। 

6. इस दिन, सभी विवाहित महिलाएं पानी से भरे एक मिट्टी के बर्तन को बीच में रखकर  एक प्रार्थना सुनती हैं जिसे 'कथा' कहा जाता है। प्रत्येक महिला अपने साथ एक थाली रखती है जिसे की प्रार्थना के एक भाग की तरह एक खास तरीके से बदला जाता है। 

 

 

हम उम्मीद करते हैं कि यह करवा चौथ अपने साथ बहुत सुख और समृद्धि लेकर आए। इस विशेष करवा चौथ के लिए बेहतरीन पोशाक, सामान और आभूषण सिर्फ Bandbaajaa.com से खरीदें।   

Related Tags : Karva chauth, Interesting Facts, Hindu Festival
Posted on: October 18, 2016 Karva chauth, Interesting Facts, Hindu Festival

Comments

    There are no comments under this post.

Leave A reply

Find the Best Vendors Near You